ठहरिये

ठहरिये होश में आ लूँ तो चले जाइएगा
शब्दावली नयी बना लूँ तो चले जाइएगा
शब्द जो हैं मेरे पास, नहीं है उन पे विश्वास
की जो देख रहा हूँ मैं उनका वर्णन कर पाएंगे
कुछ माकूल लफ्ज़ बना लूँ तो चले जाइएगा

मंडराते स्वरों को गीत में गूँथ लूँ तो चले जाइएगा
उस गीत को थोड़ा सा गुनगुना लूँ तो चले जाइएगा
अभी तो बस बेतुका ताल है, बेतरतीब से स्वर हैं
थोड़ी से आशा है, एक अश्वासन है
इनको संगीत बना लूँ तो चले जाईयेगा

पतीले में उबल रहे अधकचरे कुछ खयाल हैं
मानसिक एक उन्माद है, संदेहात्मक इक बवाल है
इनको संकल्प बना लूँ तो चले जाइएगा

चंद अधूरे उत्तर हैं, अनेकों सवाल हैं
नजरिया सूक्ष्म मेरा, सृष्टि विशाल है
अदृश्य अंशों को देख पालूँ तो चले जाइएगा

अंधियारे में भटकती हुई भ्रांतियां है
कुछ साये हैं अस्पष्ट से
ठीक से आकृतियां इनकी देख पालूँ तो चले जाइएगा

ठहरिये होश में आ लूँ तो चले जाइएगा

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@CholericCleric

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